UP Police की अजब कहानी: 24 घंटे, एक पंचर, एक गाड़ी पलटी और हो गए दो encounter – gangster vikas dubey encounter stf up police car accident pucture kanpur ujjain

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  • विकास दुबे को कानपुर ला रही गाड़ी अचानक पलटी
  • गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की

कानपुर कांड का आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ एनकाउंटर में मार दिया गया. पुलिस का कहना है कि यूपी एसटीएफ की गाड़ी विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से लेकर कानपुर आ रही थी. गाड़ी की रफ्तार तेज थी. बारिश होने से रोड पर फिसलन थी. कानपुर में एंट्री से पहले अचानक रास्‍ते में गाड़ी पलट गई.

पुलिस का कहना है कि इस हादसे में विकास दुबे और एक सिपाही को भी चोटें आईं. इसके बावजूद विकास दुबे की नजरें पुलिस के चंगुल से बचकर भागने पर थी. उसने मौका पाकर एसटीएफ के एक जवान की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. इसी के बाद एनकाउंटर शुरू हो गया. एसटीएफ ने विकास दुबे से हथियार सौंप सरेंडर करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माना तो पुलिस को मजबूरन गोली चलानी पड़ी.

विकास दुबे के एनकाउंटर के पीछे की ये पूरी कहानी यूपी पुलिस बता रही है. विकास दुबे के तीन साथियों को इससे पहले एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था. असल में, यूपी पुलिस को विकास दुबे के सहयोगियों की लगातार तलाश थी. मुख्य आरोपी विकास मध्य प्रदेश के उज्जैन से पकड़ा गया. पुलिस लगातार कई जगहों पर दबिश दे रही थी. पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही थी.

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इस दौरान सबसे पहले यूपी के हमीरपुर जिले में पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ. हमीरपुर के मौदाहा में मुठभेड़ में पुलिस ने विकास दुबे का दाहिना हाथ माने जाने वाले अमर दुबे को मार गिराया. अमर को विकास दुबे गैंग का शातिर बदमाश माना जाता था. 2 जुलाई की रात कानपुर देहात के बिकरू गांव में शूटआउट के मामले में भी अमर दुबे की तलाश थी. यूपी पुलिस ने जिन अपराधियों की तस्वीरें जारी की थी, उसमें अमर दुबे का नाम सबसे ऊपर था. पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था.

गाड़ी पंचर, हथियार छिनने की कोशिश और फिर एनकाउंटर

इसी तरह विकास दुबे के सहयोगी प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था. जानकारी के मुताबिक प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था. इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया. कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल का कहना था कि पुलिस टीम प्रभात को लेकर फरीदाबाद से आ रही थी. रास्ते में गाड़ी पंचर हो गई. इस दौरान प्रभात ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की. इसके बाद हुए एनकाउंटर में प्रभात मारा गया. इस दौरान कुछ सिपाही घायल हुए.

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इटावा में विकास दुबे के करीबी बउवा दुबे को पुलिस ने मार गिराया. पुलिस के मुताबिक, बउवा दुबे ने महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था. उसके साथ तीन और बदमाश थे. पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया. पुलिस और बउवा दुबे के बीच फायरिंग शुरू हो गई. इस फायरिंग के दौरान बउवा दुबे को ढेर कर दिया गया. हालांकि, उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे. बउवा दुबे भी कानपुर शूटआउट का आरोपी था.

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