Gracy Singh Aka Santoshi Maa Wishes Hariyali Teej To Fans Tanvi Dogra

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Hariyali Teej पर 'संतोषी मां' की भूमिका अदा करने वाली ग्रेसी सिंह ने दी फैंस को बधाई, तन्वी डोगरा ने बताई पूजा की विधि

हरियाली तीज (Hariyali Teej) पर ग्रेसी सिंह (Gracy Singh) ने दी फैंस को बधाई

खास बातें

  • पूरे देश में मनायी जा रही है हरियाली तीज
  • हरियाली तीज पर ग्रेसी सिंह ने दी फैंस को बधाई
  • एक्ट्रेस तन्वी डोगरा ने बताई फैंस को पूजा की विधी

नई दिल्ली:

‘हरियाली तीज’ (Hariyali Teej) माॉनसून के दौरान मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है. यह व्रत मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान में विवाहित महिलायें रखती हैं. महिलायें अपने पतियों की लंबी उम्र और समृद्धि के लिये यह व्रत करती हैं. चूंकि, यह त्योहार मानसून में मनाया जाता है, इसलिये इसे श्रावण तीज या छोटी तीज भी कहा जाता है. इस त्योहार में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है. एण्डटीवी के ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’ की ग्रेसी सिंह (संतोषी मां) (Gracy Singh) और तन्वी डोगरा (स्वाति) (Tanvi Dogra) सभी शादी शुदा महिलाओं को हरियाली तीज की शुभकामनायें दे रही हैं. 

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हरियाली तीज (Hariyali Teej) की मान्यता के बारे में बताते हुए ग्रेसी सिंह (Gracy Singh) ने कहा, “हरियाली तीज महिलाओं द्वारा अपने पतियों के लिये की जाने वाली दुआओं का सबसे पावन रूप है. महिलायें भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती हैं, जिन्हें प्रेम का प्रतीक माना जाता है. हरियाली तीज की कहानी हरितालिका कथा में दी गई है. हरितालिका देवी पार्वती की भगवान शिव के प्रति उनके प्रेम और विश्वास की कहानी है. अपने इसी प्रेम की वजह से देवी पार्वती ने भगवान शिव को प्रसन्न किया था और शादी करके उनकी जीवन संगिनी बनी. महिलायें हरतालिका पूजा करती हैं और पूजा में हरतालिका की कहानी कहती हैं. यह प्रार्थना का सबसे शुद्ध रूप है, जो प्रेम के नाम पर की जा सकती है. इस हरियाली तीज, मैं कामना करती हूं कि प्रत्येक महिला को सुखमय विवाहित जीवन का आनंद और ढेर सारा प्यार एवं मां पार्वती का आर्शीवाद मिले.”

  

हरियाली तीज (Hariyali Teej) की विधि के बारे में बताते तन्वी डोगरा (Tanvi Dogra) ने कहा, “हरियाली तीज पूरे भारत में शादीशुदा महिलाओं के लिये एक विशेष अवसर है. यह पर्व खासतौर से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड में मनाया जाता है. इस अवसर हर साल, महिलायें सूर्योदय के समय ही उठ जाती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. वे भगवान से अपने पति की लंबी उम्र, सेहत और सौभाग्य की कामना करती हैं. प्रार्थना करने के साथ ही महिलायें, मां पार्वती को बेलपत्र, फल और फूल भी अर्पित करती हैं. वे पूरे दिन उपवास रखती हैं और शाम को सादा शाकाहारी भोजन ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ती हैं. कुछ महिलायें अपने मायके भी जाती हैं और वहां पर अपने माता-पिता से आर्शीवाद के रूप में मिठाईयां, मेंहदी और खूबसूरत चूड़ियां प्राप्त करती हैं.”

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