भारत विरोधी राष्ट्रवाद के चंगुल में फंसे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली – India nepal relation pm narendra modi kp oli border dispute

  • भारत विरोधी राष्ट्रवाद का शिकार हो रहा नेपाल
  • विपक्षी दलों में भी उठ रही भारत विरोधी लहर

नेपाल सरकार ने नए राजनीतिक नक्शे के संबंध में संविधान संशोधन बिल अपनी संसद में पेश किया है. नए नक्शे में नेपाल ने भारत के हिस्सों को अपने राज्य का हिस्सा बता दिया है. हालांकि दो दिन पहले ही सरकार ने इस संशोधन प्रस्ताव को संसद की कार्यसूची से हटा लिया था.

अपनी ही पार्टी की तरफ से और विपक्षी दलों के तरफ से सरकार पर इस कदर दबाव पड़ा कि सरकार अपने फैसले पर दो दिन भी नहीं टिक पाई. रविवार को संशोधन प्रस्ताव को आखिरकार पेश करना पड़ा.

सरकार ने दो दिन पहले नए नक्शे संबंधी संशोधन प्रस्ताव को वापस लिया था. सरकार का कहना था कि इस मामले पर राष्ट्रीय सहमति की जरूरत है. प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के निर्णय नहीं होने की वजह से उस वक्त सरकार ने किनारा किया था.

नेपाल की संसद में संशोधन बिल पेश, नये नक्शे में भारत के तीन हिस्से

संशोधन से बचने की कोशिश में थी नेपाल सरकार!

कांग्रेस पार्टी ने शनिवार की देर रात को संविधान संशोधन के पक्ष में वोट‌ देने का आधिकारिक निर्णय कर लिया है. विपक्षी दल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से किनारा करते हुए अब सरकार पर ही आरोप लगाया है कि सरकार खुद संशोधन प्रस्ताव रखने से बच रही है और इल्जाम विपक्षी दलों पर लगा रही है.

विपक्षी दल के दबाव और अपनी पार्टी के भीतर से उठ रहे विरोध के स्वरों के बीच शनिवार की मध्य रात को सरकार ने नए नक्शे से संबंधित संविधान संशोधन के प्रस्ताव को रविवार को संसद में पेश करने की कार्यसूची सार्वजनिक कर दी. शनिवार रात को ही कैबिनेट बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी.

नेपाली विदेश मंत्री बोले- नए नक्शे को जल्द मिल जाएगी संसद की मंजूरी

भारत विरोधी एजेंडे पर काम कर रहे केपी ओली

भारत विरोधी राष्ट्रवाद का नारा देकर सत्ता के शिखर तक पहुंची केपी ओली की सरकार अब अपने इसी झूठे राष्ट्रवाद के नारे में फंसती नजर आ रही है. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के आंतरिक विवाद को दबाने और अपनी गिरती सरकार को बचाने के लिए प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने नक्शा का शिगूफा छोड़ा था. पार्टी में अपने ही विरोध में बनते माहौल को देखते हुए ओली सरकार के लिए इस संशोधन प्रस्ताव को रोक पाना मुश्किल हो गया है.

विपक्षी दलों का भी बदला मूड!

नेपाली कम्युनिस्टों की ओर से फैलाए गए भारत विरोधी राष्ट्रवाद के चपेटे में विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस भी आ गया है. पार्टी के शीर्ष नेताओं ने तो पहले नक्शे पर संविधान संशोधन के बजाय भारत से कूटनीतिक वार्ता करने पर जोर दिया. पार्टी के भीतर भी दूसरे पीढ़ी के नेताओं का ऐसा जबरदस्त दबाव पड़ा कि कांग्रेस पार्टी को आनन-फानन में केंद्रीय कार्य समिति की बैठक बुला कर देर रात तक संशोधन के पक्ष‌ में मतदान करने का फैसा कर लिया.

क्या है भारत-नेपाल मैत्री संधि, जिसने दोनों देशों के बीच खोल दी सरहद

अब सरकार अपने ही बिछाए राष्ट्रवाद के जाल में फंस गई है. यदि संशोधन प्रस्ताव पेश नहीं होता है तो प्रधानमंत्री ओली पर झूठा राष्ट्रवाद फैलाने का आरोप लगता और इसी बहाने उनकी ही पार्टी ओली को सत्ता से हटाने का निर्णय कर सकती थी. संशोधन प्रस्ताव पेश करने के बाद भारत के साथ कूटनीतिक और राजनीतिक संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ना तय है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS



Source link

Related posts

Leave a Comment