कोरोना से मौत समझ कर दिया अंतिम संस्कार, फिर फोन कर कहा- आपके रिश्तेदार ठीक हैं… – Gujarat lockdown a man covid 19 report negative negligence by civil hospital ahmedabad

  • अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही
  • शख्स की हाई शुगर, सांस में तकलीफ से हुई थी मौत

गुजरात में कोरोना का कहर जारी है. अहमदाबाद में कोरोना मरीजों की संख्या 11 हजार के पार पहुंच चुकी है. इस बीच यहां के सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. सिविल अस्पताल ने एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार कोरोना लक्षण की आशंका में कर दिया, जबकि उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी.

इस बाबत परिजनों को अस्पताल प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई थी कि व्यक्ति में कोरोना लक्षण के चलते अंतिम संस्करा किया जा रहा है. हालांकि बाद में कहा गया कि मृतक व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं था.

सिविल अस्पताल के कोरोना वॉर्ड में देवरामभाई भीसीकर को 28 मई को भर्ती कराया गया था. 29 मई की दोपहर उनकी मौत हो गई, लेकिन उस वक्त तक उनकी कोरोना रिपोर्ट नहीं आई थी. मौत की सूचना के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन कोरोना की आशंका में परिजनों को मृतक का चेहरा भी नहीं दिखाया गया. अस्पताल की निगरानी में अंतिम संस्कार किए जाने के बाद परिवार वाले घर लौट आए.

30 मई की सुबह परिजनों को एक बार फिर अस्पताल से फोन आया की आपके रिश्तेदार ठीक हैं. उन्हें जनरल वॉर्ड में शिफ्ट किया जा रहा है. इस पर देवरामभाई के परिवार के सदस्य निलेशभाई ने कहा कि हम अभी भी असमंजस में हैं, हमारे परिवार के वरिष्ठ सदस्य अभी जिंदा हैं या नहीं.

थोड़ी देर बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिर फोन आया कि ये सूचना गलती से दे दी गई थी. देवरामभाई भीसीकर की मौत हो चुकी है और आप उनका अंतिम करने भी आए थे. इस कॉल के बाद परिवारवाले फिर मुश्किल में आ गए. घरवालों ने दोबारा अस्पताल में फोन किया तो जवाब मिला कि देवरामभाई की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है. अब उनकी तबियत ठीक है. इसके बाद फिर घरवाले असमंजस की स्थिति में आ गए थे. बाद में स्थिति साफ हुई कि उनकी मौत हो गई है.

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मरीज को सांस लेने में हो रही थी तकलीफ

वहीं, डॉक्टर शशांक पंड्या का कहना है कि सिविल अस्पताल में मरीज को लाया गया था. उनका शुगर हाई था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. इसी वजह से देवरामभाई की मौत हुई है. उनकी कोरोना रिपोर्ट आनी बाकी थी, इसलिए उनका अंतिम संस्कार कोरोना मृतक मरीज की तरह किया गया. इस संबंध में परिजनों को जानकारी दे दी गई है.

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