Trai Recommends 11 Digit Mobile Numbers And Prefix 0 For Dialling Mobile Numbers From A Landline – Trai की नई सिफारिशें, 11 अंकों के हों मोबाइल नंबर, लैंडलाइन से फोन करने से पहले शून्य का हो इस्तेमाल

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 May 2020 06:51 PM IST

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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने नई सिफारिशें की है जिसमें मुताबिक लैंडलाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए ‘यूनिफाइड नंबरिंग प्लान’ भी शामिल है। इस सिफारिश के अनुसार लैंडलाइन से मोबाइल नंबर पर फोन करने से पहले “0” लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा मौजूदा मोबाइल में अंकों की संख्या को 10 से 11 करने का भी सुझाव दिया गया है। बता दें कि फिलहाल लैंडलाइन से मोबाइल पर फोन करने के लिए शून्य लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

यदि ट्राई की ये सिफारिशें लागू हो जाती हैं तो करीब 10 अरब मोबाइल नंबर इससे प्रभावित होंगे। इसके तहत मोबाइल नंबरों में अंकों की संख्या 11 हो जाएगी और नंबर की शुरुआत 9 अंक से होगी। वहीं डोंगल के लिए वितरित मोबाइल नंबरों की संख्या को 13 अंकों में बदलने का भी सुझाव दिया गया है।

लैंडलाइन के लिए भी सिफारिशें आई हैं कि फिक्स्ड लाइन नंबरों को 2 या 4 के सब-लेवल पर ले जाया जाए। बता दें कुछ दिन पहले कुछ ऑपरेटर्स ने 3, 5 और 6 से शुरू होने वाले नंबरों से लैंडलाइन कनेक्शन जारी किए थे, लेकिन ये नंबर्स अब सेवा में नहीं हैं।

वहीं ट्राई ने देश में कम ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए दूर संचार विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्राई ने दूरसंचार विभाग की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भी की है। शिकायत में कहा गया है कि दूरसंचार विभाग ब्रॉडबैंड की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की अनदेखी कर रहा है। बता दें कि भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है जबकि मात्र दो करोड़ लोगों के पास लैंडलाइन ब्रॉडबैंड है।

 

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने नई सिफारिशें की है जिसमें मुताबिक लैंडलाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए ‘यूनिफाइड नंबरिंग प्लान’ भी शामिल है। इस सिफारिश के अनुसार लैंडलाइन से मोबाइल नंबर पर फोन करने से पहले “0” लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा मौजूदा मोबाइल में अंकों की संख्या को 10 से 11 करने का भी सुझाव दिया गया है। बता दें कि फिलहाल लैंडलाइन से मोबाइल पर फोन करने के लिए शून्य लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है।

यदि ट्राई की ये सिफारिशें लागू हो जाती हैं तो करीब 10 अरब मोबाइल नंबर इससे प्रभावित होंगे। इसके तहत मोबाइल नंबरों में अंकों की संख्या 11 हो जाएगी और नंबर की शुरुआत 9 अंक से होगी। वहीं डोंगल के लिए वितरित मोबाइल नंबरों की संख्या को 13 अंकों में बदलने का भी सुझाव दिया गया है।

लैंडलाइन के लिए भी सिफारिशें आई हैं कि फिक्स्ड लाइन नंबरों को 2 या 4 के सब-लेवल पर ले जाया जाए। बता दें कुछ दिन पहले कुछ ऑपरेटर्स ने 3, 5 और 6 से शुरू होने वाले नंबरों से लैंडलाइन कनेक्शन जारी किए थे, लेकिन ये नंबर्स अब सेवा में नहीं हैं।

वहीं ट्राई ने देश में कम ब्रॉडबैंड कनेक्शन के लिए दूर संचार विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्राई ने दूरसंचार विभाग की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भी की है। शिकायत में कहा गया है कि दूरसंचार विभाग ब्रॉडबैंड की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की अनदेखी कर रहा है। बता दें कि भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है जबकि मात्र दो करोड़ लोगों के पास लैंडलाइन ब्रॉडबैंड है।

 

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