e- एजेंडा-यूपीए की मनरेगा का गुणगान क्यों कर रहे हैं बीजेपी के सीएम? – E agenda aaj tak 1 year narendra modi govt 2 0 up cm yogi adityanath mgnrega up

  • मोदी सरकार 2.0 का एक साल, आजतक पर e-एजेंडा कार्यक्रम का आयोजन
  • e-एजेंडा आजतक में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी लिया हिस्सा

मोदी सरकार 2.0 का एक साल पूरा हो चुका है. इस मौके पर आयोजित आजतक के खास कार्यक्रम e-एजेंडा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिरकत की. योगी आदित्यनाथ ने e-एजेंडा आजतक के ‘डबल इंजन सरकार… कितना असरदार’ सत्र में भाग लिया और अपनी राय रखी.

ई एजेंडा के अपने सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पूरे राज्य में मनरेगा के तहत चालीस लाख मजदूर हर दिन काम कर रहे हैं. दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने यूपी में लॉकडाउन के दौरान रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए कहा, “30 लाख प्रवासी कामगार जो वापस यूपी आए हैं हमारी कोशिश है कि इन सभी को यूपी में ही रोजगार मिल जाए. हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं. इसके लिए इनका स्किल डवलपेंट करना और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी गारंटी है. उन्हें सम्मानजनक ढंग से आगे बढ़ने का मौका दे रहे हैं. आज के दिन हमारे पास अकेले मनरेगा में प्रतिदिन 40 लाख लोग काम कर रहे हैं. नौकरी और रोजगार की कमी यूपी में नहीं पड़ेगी.”

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इसके बाद योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि कभी आप लोग मनरेगा को लेकर यूपीए सरकार से सवाल किया करते थे आज मनरेगा के आंकड़े गिना रहे हैं. इसके बाद मनरेगा पर बात करते हुए योगी आदित्यानाथ ने कहा यह नेतृत्व पर तय होता है. सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व है तो हर योजना को यशस्वी बना सकता है लेकिन अक्षम और अकर्मण्य नेतृत्व होगा तो वह अच्छी योजना को भी मिट्टी में मिला सकता है.

योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि आज देश का नेतृत्व मोदी जी के हाथों में है तो स्वाभािवक रूप से हर योजना को यशस्वी बनाने की सामर्थ्य उनके भीतर है. उनके यशस्वी नेतृत्व में हर तबके का व्यक्ति उससे लाभान्वित हो रहा है. इससे पहले यूपीए के कार्यकाल में आपने देखा होगा कि हर योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती थी. घोटाले रोज सामने आते थे. हर रोज लूट-खसोट की नई कहानी सामने आती थी.

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श्रम कानूनों में बदलाव पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लकीर के फकीर नहीं बन सकते. मुझे आज की तारीख में 30 लाख श्रमिक और कामगार भाइयों-बहनों का और साथ-साथ प्रदेश के अंदर रहने वाले श्रमिकों-कामगारों के हाथों को काम देना है. इसके लिए जरूरी है कि उद्योग चले. हमने न्यूनतम वेतन की गारंटी दी है. सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की गारंटी दी है. ये प्रावधान भी है कि आप अधिक से अधिक 8 घंटे ही काम ले सकते हैं, बंधुआ मजदूरी नहीं होगी इसकी भी गारंटी है. अनावश्यक लेबर लॉ को तीन साल के लिए सस्पेंड किया है जिसकी वजह से उद्योग बंद होते थे. इसी में उनका हित है.

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श्रम कानूनों में किए गए बदलाव के पीछे की वजह बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो उद्योग बंद होने की वजह से कुठाराघात मजदूरों पर ही पड़ता. आज जो श्रमिक बाहर से आ रहे हैं ये कभी कानपुर में काम किया करते थे. लेकिन इन्हीं नियमों की वजह से कानपुर में उद्योग बंद हुए. और मजदूरों को बाहर जाना पड़ा और अब वही लोग वापस पलायन को मजबूर हैं.

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