पतंजलि आयुर्वेद ने जनता से मांगे 250 करोड़ रुपये, 3 मिनट में मिल गए – Patanjali ayurved demand 250 crore rupees from public by ncd got in 3 minutes tutd

  • पतंजलि आयुर्वेद को चाहिए था 250 करोड़ का निवेश
  • कंपनी ने इसके लिए ​लिया बॉन्ड बाजार का सहारा
  • उसका एनसीडी 3 मिनट में हुआ फुल सब्सक्राइब्ड

बा​बा रामदेव के नेतृत्व वाले पतंजलि आयुर्वेद ने बॉन्ड मार्केट के निवेशकों से 250 करोड़ रुपये मांगे थे. कंपनी को निवेशकों से 3 मिनट के भीतर 250 करोड़ रुपये मिल गए.

पतंजलि आयुर्वेद ने असल में 250 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी किए थे. इसे निवेशकों ने हाथोहाथ लिया और 3 मिनट के भीतर ही कंपनी का यह डिबेंचर पूर्ण रूप से सब्सक्राइब्ड हो गया.

हरिद्वार मुख्यालय वाली कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने पहली बार पूंजी जुटाने के लिए बॉन्ड बाजार का सहारा लिया है. ब्रिकवर्क ने इस डिबेंचर को AA की रेटिंग दी थी जो कि अच्छी मानी जाती है. इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा. इसे गुरुवार को जारी किया गया था.

गौरतलब है कि हाल में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा जैसी कई कंपनियों ने बॉन्ड बाजार से पैसा जुटाया है.

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क्या होता है नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर

नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) एक ऐसा वित्तीय साधन है जो कंपनियां लॉन्ग टर्म की पूंजी जुटाने के लिए जारी करती हैं. इसकी अवधि फिक्स होती है, इसलिए यह एफडी जैसा होता है, लेकिन यह शेयर मार्केट में सूचीबद्ध होता है, इसलिए इससे बाहर निकलना यानी बेचना आसान होता है. इस पर ब्याज भी 10 फीसदी या उससे ज्यादा मिलता है. नॉन कन्वर्टिबल का मतलब यह है कि इस डिबेंचर को शेयरों में नहीं बदला जा सकता.

पतंजलि के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘कोरोना महामारी के बीच आयुर्वेद आधारित उत्पादों की बिक्री में तीन गुना बढ़त हुई है. लेकिन कोरोना की वजह से मैन्युफैक्चरिंग से लेकर वितरण तक के सप्लाई चेन में अवरोध आए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हम यह फंड इसलिए जुटा रहे हैं ताकि अपनी सप्लाई चेन को मजबूत कर सकें और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर डिस्ट्रिब्यूशन तक की प्रक्रिया सहज हो सके.’

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इतना मिलेगा ब्याज

पतंजलि आयुर्वेद हाल के वर्षों में एफएमसीजी की प्रमुख कंपनी के तौर पर उभरी है. कंपनी ने कहा है कि गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) की परिपक्वता अवधि तीन साल होगी और इस पर 10.10 फीसदी की दर से ब्याज देय होगा.

पिछले साल दिसंबर में पतंजलि आयुर्वेद ने दिवालिया हो चुकी रुचि सोया का 4,350 करोड़ रुपये में अधिग्रहण पूरा किया था. दिवालिया प्रक्रिया में पतंजलि ने सोया खाद्य ब्रांड न्यूट्रीला बनाने वाली इस कंपनी का अधिग्रहण किया.

कारोबार में विविधता

गौरतलब है कि पतंजलि समूह कपड़े के कारोबार में भी उतरा है. साल 2018 में धनतेरस के मौके पर बाबा रामदेव ने दिल्ली में पतंजलि परिधान नाम से कपड़े के पहले स्टोर का उद्घाटन किया था. दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस में पहले ‘पतंजलि परिधान’ शोरूम का उद्घाटन करते हुए रामदेव ने गारमेंट्स बिजनेस की शुरुआत की थी.

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