केंद्र जारी करे लॉकडाउन की गाइडलाइंस, राज्यों पर छोड़े फैसला लेने की आजादी: सचिन पायलट – Corona virus lockdown rajasthan deputy cm sachin pilot modi government economy

  • 31 मई को खत्म हो रही लॉकडाउन 4.0 की अवधि
  • राज्यों को फैसले लेने की होनी चाहिए स्वतंत्रता: सचिव पायलट

लॉकडाउन पार्ट-4 की अवधि खत्म होने में दो दिन बाकी है. 31 मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन 4.0 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की. अमित शाह ने गुरुवार को सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बात की थी. गृह मंत्री ने पीएम मोदी को मुख्यमंत्रियों की राय से अवगत कराया. लॉकडाउन को लेकर अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग सोच है. राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि हमें कोरोना के साथ अब जीना होगा. लॉकडाउन कोई समाधान नहीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लॉकडाउन की गाइडलाइंस जारी करे, लेकिन फैसला लेने की स्वतंत्रता राज्यों पर छोड़ दे.

इंडिया टुडे टीवी के शो न्यूज टुडे में शिरकत करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि हमें मालूम पड़ चुका है कि कौन से कंटेनमेंट जोन हैं, जहां हमें फोकस करना होगा. हमारी दो तरह की रणनीति होगी. जहां पर कर्फ्यू है वहां के लिए हमें कड़ा SOP तैयार करना होगा. लेकिन जहां पर कोरोना के केस कम हैं वहां पर हमें अब जिंदगी को फिर से रफ्तार देने की जरूरत है.

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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अब राज्यों के ऊपर छोड़ देना चाहिए कि कौन सा सेक्टर खोलना है, कौन सी इंडस्ट्री खोलनी है, लेकिन अगर हम सभी चीजें खोल देंगे तो इससे हम दिक्कतों को बुला रहे हैं. जो सेक्टर अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी हैं उन्हें फिर से ट्रैक पर लाने के लिए खोल देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि भारत अभी कोरोना के पीक से दूर है. देश में कोरोना के आंकड़े तो बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर संक्रमण ग्रामीण इलाकों में फैल गया तो हमें और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन पूरी तरह से लॉकडाउन लागू करना सही नहीं होगा.

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‘हवाई सेवा शुरू कर सकते तो रेस्टोरेंट क्यों नहीं खोल सकते’

सचिन पायलट का मानना है कि सरकार अगर हवाई सेवा शुरू कर सकती है तो रेस्टोरेंट को क्यों नहीं खोलने की इजाजत दे सकती है. उन्होंने कहा कि अगर एयरलाइंस की सेवा शुरू कर सकते हैं, जहां 100 से ज्यादा लोग यात्रा कर सकते हैं तो क्यों नहीं रेस्टोरेंट जहां 30 लोग बैठते हैं उसे खोला जाए. हमें अब अपने जीने के तरीके में बदलाव करना होगा.

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उन्होंने कहा कि राज्य और जिला प्रशासन को पता है कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं करना है. केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइंस आनी चाहिए, लेकिन राज्यों के पास उतनी आजादी होनी चाहिए कि वे यै फैसला ले सकें कि क्या जरूरी है और क्या नहीं.

कर्नाटक सरकार का क्या है विचार

वहीं, कर्नाटक सरकार में मंत्री डॉ के सुधाकर ने कहा कि कर्नाटक ही पहला राज्य था जिसने सबसे पहले लॉकडाउन को लागू किया. और राज्य कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में बहुत हद तक कामयाब रहा है. तो हम पहले राज्य भी होंगे जो लॉकडाउन को खत्म करेंगे. लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट खोलने को लेकर उन्होंने कहा कि बसों को लेकर कोई समस्या नहीं है, लेकिन मेट्रो को लेकर हमें सोचना होगा.

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