सोनिया ने संभाली सरकार के ऑनलाइन विरोध की कमान, विपक्षी दल उठाएंगे ऐसा कदम? – Congress organize online campaign sonia gandhi demands narendra modi government farmers migrant workers tpt

  • कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार को घेरा
  • मजदूर-गरीबों के लिए सोनिया ने मांगा आर्थिक पैकेज

लॉकडाउन की मार झेल रहे प्रवासी श्रमिकों और किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है. सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले दो महीने से गरीब, मजदूर और किसान परेशान हैं. आजादी के बाद पहली बार है कि भूखे-प्यासे मजदूर हजारों और सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर वापस जा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को नहीं समझ रही है.

सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार गरीब, मजदूर, श्रमिकों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज जारी करे. उन्होंने इस पैकेज समेत चार प्रमुख मांगें उठाई हैं.

1. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि वह केंद्र सरकार से एक बार फिर आग्रह करती हैं कि खजाने का ताला खोलिए. देश के गरीब, मजदूर, किसान सभी को 7500 रुपये की दर से 6 महीने तक आर्थिक मदद दीजिए. इसलिए सरकार फौरन 10 हजार की आर्थिक मदद उनके खाते में भेजे.

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2. सोनिया गांधी ने मोदी सरकार से दूसरी मांग प्रवासी श्रमिकों के लिए की है. सोनिया ने कहा कि जो मजदूर पैदल चल रहे हैं सरकार उन्हें मुफ्त में उनके घर तक पहुंचाए और उनकी रोजी-रोटी के साथ राशन का भी इंतजाम करे.

3. केंद्र सरकार से सोनिया गांधी ने तीसरी मांग की है कि मनरेगा योजना के तहत जो काम अभी 100 दिन के लिए दिया जा रहा है, उसे बाढ़कर 200 दिन निर्धारित किया जाए.

4. कांग्रेस अध्यक्ष ने चौथी मांग छोटे और लघु उद्योगों के लिए किया है. सोनिया गांधी ने कहा कि छोटे और लघु उद्योगों को सरकार लोन देने के बजाय आर्थिक मदद दे ताकि लोगों को रोजगार मिल सके.

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले दो महीने से गरीब, मजदूर और किसान परेशान हैं, सरकार उनकी पीड़ा को नहीं समझ रही है. कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते करोड़ों लोगों के रोजगार चले गए गए किसान की फसल बर्बाद हो गई है. कांग्रेस के साथ ही अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री से लेकर तमाम लोग लगातार सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार मदद के लिए आगे नहीं आ रही है. ऐसे में हम कांग्रेस के साथी भारत की आवाज को बुलंद करने के लिए समुचित अभियान चला रहे हैं.

क्या विपक्षी पार्टियां भी उठाएंगी ऐसा कदम?

लॉकडाउन की वजह से एक साथ लोगों के जुटने पर पाबंदी है. किसी भी तरह के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक जमावड़े पर सरकार ने रोक लगाई हुई है. ऐसे में कांग्रेस ने लॉकडाउन के समय में राष्ट्रीय स्तर पर अपने कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जुटाकर सरकार का विरोध किया है. इसी तर्ज पर भाजपा भी केंद्र में अपनी सरकार का एक साल पूरा होने पर ई-मीटिंग करने जा रही है. कुछ समय बाद बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. हो सकता है कि आने वाले दिनों में दूसरी विपक्षी पार्टियां भी हैशटैग्स, वीडियो, फोटो, पोस्टर को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रमोट करके अपने पक्ष में और सरकार के विरोध मं माहौल बनाएं.

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